नमस्कार दोस्तों आज हम एक ऐसे टॉपिक के बारे में बात करने वाले हैं जो ना सिर्फ प्रकृति के लिए बल्कि हम सबके लिए बहुत ही जरूरी है वो है वेटलैंड्स जिसको हिंदी में बोलते हैं आद्रभम। तो ये वेटलैंड्स क्या होते हैं और ये कितने तरह के होते हैं और ये कैसे कम हो रहे हैं और हमें इन्हें कैसे बचाना चाहिए। तो ये सब कुछ आज के इस वीडियो में आप जानेंगे। लेकिन इसको जानने के लिए आपको यह पूरा वीडियो देखना पड़ेगा। तो चलिए इस वीडियो को शुरू करते हैं। तो सबसे पहले समझते हैं कि वेटलैंड यानी कि आदर्द्रभूमि क्या होती है? तो वेटलैंड एक ऐसी जगह होती है जहां जमीन हमेशा या कुछ समय के लिए वाटर से भरी रहती है। यह वाटर मीठा भी हो सकता है जैसे नदी, तालाब या खारा भी हो सकती है जैसे कि समुंदर के पास वाली एरिया। पेटलैंड्स में पेड़-पौधे और जानवर भी पाए जाते हैं जो वाटर और गीले जमीन में सर्वाइव कर सकते हैं। इसका अगर एग्जांपल देखा जाए तो वह है जैसे गांव का तालाब हो गया, नदी के किनारे का एरिया हो गया, खेत के पास की जो दलदली जमीन होती है, मैन ग्रोस झाड़ियां होती है जो समुद्र के पास अक्सर पाई जाती हैं। तो ये सब इसके एक नॉर्मल एग्जांपल है। अब वेटलैंड्स के टाइप्स के बारे में समझ लेते हैं। तो पहले हम कॉमन टाइप्स के बारे में बात करेंगे। फिर बात करेंगे जो इंडिया में वेटलैंड्स होते हैं जिसको हम लोग बोलते हैं। तो जो कॉमन टाइप्स की अगर बात की जाए तो इसमें फर्स्ट है वो है मार्स जिसको ग्रासी वेटलैंड्स भी बोलते हैं क्योंकि इसमें घास और पौधे उगते हैं। सेकंड है वो है स्वैंप। स्वैंप को हम लोग बोलते हैं ऐसा वेटलैंड्स जहां पर ट्री होते हैं यानी कि जहां पर पेड़ पौधे उगते हैं। यानी कि जहां पर बड़े-बड़े पेड़ पौधे पाए जाते हैं। थर्ड है वो है बॉक्स। बॉक्स ऐसा वेटलैंड्स होती है जहां की जो मिट्टी होती है वो गीली होती है और उसके साथ-साथ एसिडिक भी होती है। और फोर्थ है फेंस। फेंस ऐसे वेटलैंड्स को बोलते हैं जहां का जो वाटर है वो न्यूट्रिएंट रिच होता है। अब बात करते हैं इंडिया में वेटलैंड्स की तो वो है इनलैंड जो रिवर लेकक्स और जो पोंड्स होते हैं वो आते हैं इनलैंड्स की कैटेगरी में। उसके बाद है कोस्टल वेटलैंड्स जिसमें आती है आपका सी एडेज हो गया यानी कि समुद्र का जो किनारा होगा मेन ग्रुप्स होती हैं। इनको हम लोग इंडिया में कोस्टल वेटलैंड्स बोलते हैं। अब बात करते हैं कि वेटलैंड्स क्यों इंपॉर्टेंट है? इसका क्या मैटर्स है और ये हमारे लिए कैसे बेनिफिशियल है? यानी कि इससे हमको क्या फायदे होते हैं? तो इसको हम सिंपल वर्ड्स में आपको समझाते हैं। तो पहला जो बेनिफिट्स है वो है कि ये फ्लड को कंट्रोल करता है। यानी कि ये बारिश का जो एक्स्ट्रा वाटर होती है उसको रोक के फ्लड से बचाता है। दूसरा है कि ये ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करता है। यानी कि ये जमीन के नीचे पानी भरते हैं जिससे ग्राउंड वाटर रिचार्ज होती है। और थर्ड बेनिफिट है कि ये नेचुरल फिल्ट्रेशन करता है। यानी कि ये गंदे वाटर को नेचुरली क्लीन कर देता है। और फोर्थ बेनिफिट्स है वो है वाइल्ड लाइफफ़ हैबिटेट। यानी कि ऐसी जगह पर रहने वाले जो बर्ड्स हैं और एनिमल्स का ये घर होता है। और फिफ्थ इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे मछली पालन, खेतीबाड़ी और टूरिज्म से लोगों की रोजी रोटी भी जरूरी होती है। तो अब समझते हैं कि वेटलैंड्स को क्या-क्या खतरा है। यानी कि वेटलैंड्स को क्या-क्या थ्रेट्स हैं? तो देखो वेटलैंड्स को कई खतरे हैं। एक-एक खतरे के बारे में हम लोग समझते हैं। तो पहला जो खतरा है वो है अर्बन एक्सपेंशन। यानी कि शहर बढ़ने की वजह से वेटलैंड्स को कवर किया जा रहा है। यानी कि उनको ज्यादा से ज्यादा ऑक्यूपाइड किया जा रहा है। सेकंड जो खतरा है वो है पोलशन। यानी कि जो गंदा पानी और कचरा निकालकर डायरेक्ट आप देखे होंगे कि वेटलैंड्स में ऐसे ही डाल दिया जाता है। और थर्ड जो खतरा है वो है इललीगल कंस्ट्रक्शन यानी कि जमीन पर कब्जा किया जाता है। और फोर्थ जो खतरा है वो है एग्रीकल्चर केमिकल्स। यानी कि ज्यादा खेती, पेस्टिसाइड्स और केमिकल्स भी डैमेज करते हैं। और फिफ्थ जो खतरा है वो है क्लाइमेट चेंज। यानी कि क्लाइमेट चेंज की वजह से वेटलैंड्स सूखने लग रहे हैं। तो ये तो हो गए वेटलैंड्स के खतरे। अब हम लोग समझते हैं कि वेटलैंड्स को कैसे फ्यूचर के लिए बचाया जाए। तो उसके लिए अब स्टेप लेना ही होगा। तो देखो क्या-क्या हम लोग कर सकते हैं जिससे वेटलैंड्स बचा रहे। फ्यूचर में भी सुरक्षित रहे। इसमें जो फर्स्ट है वो है जो गवर्नमेंट के जो रूल्स है उसका पालन किया जाए। जैसे जो गवर्नमेंट का जो रूल्स है 2017 उसको फॉलो किया जाए। सेकंड है वह है रामासार साइट्स का ध्यान रखा जाए। रामासार साइट्स कुछ और नहीं है। उसको वेटलैंड्स को ही बोलते हैं। तो इंडिया में ऐसे 80 साइट्स हैं जिसको ध्यान दिया जाए। थर्ड है कि लोगों को जागरूक किया जाए। जैसे कि स्कूल्स में गांव के लोगों को जो सिटी के लोग हैं उनको सबको जागरूक किया जाए कि जो वेटलैंड्स है उसको सुरक्षित करें। उसको वेस्ट ना करें। फोर्थ है कि वेटलैंड्स के आसपास कचरा ना फेंके। और जो फिफ्थ है कि गांव के लोग स्टूडेंट्स और एनजीओ का सपोर्ट लिया जाए जिससे वेटलैंड्स को हम लोग सुरक्षित रख सकते हैं। तो दोस्तों ये वीडियो देखने के बाद अब आपको समझ में आ गया होगा कि वेटलैंड्स कोई बेकार जगह नहीं होती है। यह प्रकृति के लिए एक नेचुरल फिल्टर है। वाटर बैंक इसको बोल सकते हैं और जीव-जंतु का घर भी है। अगर हम इन्हें आज नहीं बचाएंगे तो कल हमारी जो वाटर की समस्या और बढ़ जाएगी। इसलिए हर कोई अपनी तरफ से छोटी से छोटी कोशिश करें। कचरे ना फेंके। पानी बचाए और अवेयरनेस को फैलाए। तो दोस्तों अगर आपको यह वीडियो पसंद आई हो तो इस वीडियो को आप लाइक कर देना, शेयर कर देना और अगर आप इस चैनल पर नए हो तो प्लीज आप इस चैनल को सब्सक्राइब कर देना और साथ ही साथ बेल आइकॉन को एक्टिवेट कर देना। तो मिलते हैं अगले वीडियो में एक नए और इंपॉर्टेंट टॉपिक के साथ। आज के लिए बस इतना ही। धन्यवाद दोस्तों।