धरती की सतह पर बसा जीवन जितना विशाल और विविध है, समुद्र की गहराई उससे कहीं ज्यादा रहस्यमई है। और उन्हीं रहस्यों में से एक है नीली व्हेल यानी ब्लू व्हेल। यह कोई आम समुद्री जीव नहीं, यह धरती पर मौजूद सबसे विशाल जीव है। इतना बड़ा कि इसका दिल एक कार के बराबर होता है और इसकी जीभ एक हाथी जितनी भारी। कल्पना कीजिए एक ऐसा जीव जो जन्म से ही 3 टन वजनी हो और जैसे-जैसे बड़ा होता है 200 टन तक का हो जाए। उसकी लंबाई 90 से 100 फीट तक जाती है। यानी लगभग एक बोइंग साथ 53 हवाई जहाज के बराबर। नीली भेल हालांकि विशाल है लेकिन उसका व्यवहार बेहद शांत और कोमल होता है। वो समुद्र के विस्तार में एक अकेली आत्मा की तरह तैरती है। कभी सतह पर आकर सांस लेती है तो कभी सैकड़ों मीटर नीचे जाकर गहराइयों में खो जाती है। हमारी यह यात्रा आज उसी महान जीव के साथ शुरू होती है। एक ऐसा जीव जो करोड़ों सालों से धरती की इस छाती में सांस ले रहा है और आज भी अपने रहस्यों को गहराइयों में छुपाए हुए है। यह है ब्लू व्हेल की दुनिया शांति से भरी विशालता से घिरी और रहस्यों से भरी एक ऐसी दुनिया जिसे हम आज करीब से जानने निकले हैं। यह है ब्लू व्हेल। पृथ्वी पर रहने वाला सबसे विशाल जीव। इसकी लंबाई 100 फीट तक हो सकती है। और इसका वजन 180 टन तक पहुंचता है। यानी एक ब्लू व्हेल अकेले ही लगभग 30 हाथियों के बराबर भारी होती है। इसके शरीर की चमड़ी नीले भूरे रंग की होती है। लेकिन जब यह पानी से बाहर आती है तो सूरज की रोशनी में यह हल्की नीली दिखाई देती है। इसीलिए इसका नाम पड़ा ब्लू व्हेल। इनकी धड़कनें इतनी धीमी होती हैं कि एक मिनट में केवल पांच से छह बार ही धड़कता है। इनका विशाल हृदय जो खुद एक कार के आकार का होता है। ब्लू व्हेल दुनिया के लगभग सभी महासागरों में पाई जाती हैं। अटलांटिक, पेसिफिक, इंडियन और साउथर्न ओशंस। यह ठंडे पानी को गर्म पानी की तुलना में ज्यादा पसंद करती है। इसलिए गर्मियों में यह ध्रुवीय क्षेत्रों की ओर चली जाती है और सर्दियों में गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों की ओर लौट आती है। यह अक्सर अकेली तैरती हैं या कभी-कभी जोड़ी में इनका इलाका विशाल होता है। हजारों किलोमीटर का एक चक्रवात हर साल तय करती है। इतने विशाल शरीर के बावजूद ब्लू व्हेल का भोजन बहुत ही छोटा होता है। छोटे जीव जिन्हें क्रिल कहा जाता है। यह झींगे जैसे जीव होते हैं जिनका आकार एक से 2 सेंटीमीटर होता है। एक दिन में एक ब्लू व्हेल करीब 4 टन तक ग्रिल खा सकती है। यानी 40 लाख से भी ज्यादा ग्रिल। यह अपने मुंह को खोलती है। हजारों लीटर पानी खींचती है और फिर बेलिन प्लेट से पानी को छानकर सिर्फ ग्रिल को निगलती है। हालांकि ब्लू व्हेल अक्सर अकेले रहती हैं। लेकिन इनका सामाजिक जीवन भी बहुत रोचक है। मेटिंग सीजन में यह मेल और फीमेल एक दूसरे के संपर्क में आते हैं। ब्लू व्हेल्स दुनिया की सबसे तेज और गहरी आवाज निकालने वाले जीवों में से एक हैं। इनकी आवाज 188 डेसीबल तक की हो सकती है जो जेट इंजन से भी ज्यादा तेज है। यह साउंड वेव्स का प्रयोग एक दूसरे से संवाद करने, रास्ता ढूंढने और साथ ही खोजने के लिए करती है और इनकी आवाज समुद्र के 1000 कि.मी. दूर तक सुनी जा सकती है। ब्लू व्हेल का गर्भकाल लगभग 11 से 12 महीनों का होता है। माता एक बार में केवल एक बच्चे को जन्म देती है और वह भी समुद्र की गहराई में। बहुत ही सुरक्षित माहौल में। नवजात ब्लू व्हेल लगभग 25 फीट लंबी और दो से तीन टन वजन की होती है। यानी एक हाथी जितनी भारी जन्म के बाद यह हर दिन 90 किलो तक दूध पीती है। यह दूध इतना गाढ़ा और ऊर्जा से भरपूर होता है कि बच्चा हर दिन लगभग 90 किलो वजन बढ़ाता है। मां अपने बच्चे के साथ कई महीनों तक रहती है और उसे शिकारी से बचाती है। इतनी विशाल होने के बावजूद ब्लू व्हेल के जीवन में भी कई खतरे हैं। 20वीं सदी की शुरुआत में इंसानों ने लाखों ब्लू व्हेल का शिकार किया। तेल और मांस के लिए आज भी समुद्री जहाजों की टक्कर, प्लास्टिक प्रदूषण और समुद्री शोर इनके लिए खतरा बने हुए हैं। ब्लू व्हेल को कभी-कभी और काव्हेल्स और बड़े शार्क जैसे शिकारी भी घेर लेते हैं। खासकर जब वो बच्चे के साथ होती हैं। आज ब्लू व्हेल को कई अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समझौतों के जरिए संरक्षित किया गया है। इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन ने इनके शिकार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। कई देश समुद्र में संरक्षित क्षेत्र बना रहे हैं ताकि इनका प्राकृतिक आवास सुरक्षित रह सके। वैज्ञानिक जीपीएस और हाइड्रोफोन जैसे आधुनिक उपकरणों से इनके मूवमेंट पर नजर रखते हैं। अब विश्व भर में इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है और यह हमें उम्मीद देती है कि अगर हम मिलकर प्रयास करें तो सबसे बड़े जीव को भी बचाया जा सकता है। ब्लू व्हेल सिर्फ एक समुद्री जीव नहीं बल्कि हमारे महासागरों की आत्मा है। उसकी हर धड़कन में लाखों सालों का इतिहास है। जब वह गहराई में डुबकी लगाती है तो ऐसा लगता है जैसे समुद्र खुद सांस ले रहा हो। हम इंसानों की जिम्मेदारी है कि हम इस अद्भुत जीव को सुरक्षित रखें क्योंकि जब ब्लू व्हेल का गीत गूंजता है तब पूरी पृथ्वी उसे सुनती है। तो आइए इनकी सुरक्षा का संकल्प लें और एक आवाज बने प्रकृति और जीवन की विविधता के लिए। वीडियो पसंद आया हो तो लाइक करें और ऐसे ही एजुकेशनल वीडियो देखने के लिए चैनल जरूर सब्सक्राइब करें। ओम ओम ओम [संगीत]